3 अप्रैल 2025 का पंचांग | शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नवरात्रि का छठा दिन
आज का दिन विशेष है क्योंकि यह चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है और नवरात्रि का छठा दिन भी है। इस दिन माता कात्यायनी की पूजा की जाती है। साथ ही, सूर्यषष्ठी और स्कंदषष्ठी भी आज ही मनाई जा रही हैं।

आज का पंचांग
- दिनांक: 3 अप्रैल 2025, गुरुवार
- पक्ष: चैत्र शुक्ल पक्ष
- सूर्योदय: प्रातः 5:50 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:10 बजे
तिथि एवं नक्षत्र
- षष्ठी तिथि: रात्रि 2:58 बजे तक, इसके बाद सप्तमी तिथि आरंभ होगी।
- नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:58 बजे तक, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र आरंभ होगा।
आज के योग
- आयुष्मान योग: सुबह 7:31 बजे तक
- सौभाग्य योग: इसके बाद आरंभ
चंद्रमा और सूर्य की स्थिति
- चंद्रमा: वृषभ राशि में रात्रि 11:26 बजे तक, इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश।
- सूर्य: मीन राशि में स्थित रहेंगे।
- सूर्य नक्षत्र: रेवती नक्षत्र में स्थित।
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:35 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक।
- रवि योग: सुबह 11:58 बजे से पूरे दिन रहेगा।
- नए वस्त्र धारण, पौधा रोपण, शिल्प विद्या सीखने, नव व्यापार शुरू करने, और नामकरण के लिए शुभ मुहूर्त: प्रातः 5:50 से सुबह 11:58 तक।
अशुभ समय (राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल)
- राहुकाल: दोपहर 1:32 बजे से 3:05 बजे तक।
- यमगंड काल: प्रातः 5:50 बजे से 7:22 बजे तक।
- गुलिक काल: सुबह 8:55 बजे से 10:27 बजे तक।
आज के विशेष पर्व एवं व्रत
नवरात्रि का छठा दिन – माता कात्यायनी पूजन
आज चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है और इस दिन माता कात्यायनी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का स्वरूप हैं और भक्तों को शत्रु बाधाओं से मुक्त करती हैं।
सूर्यषष्ठी व्रत
सूर्यषष्ठी व्रत भगवान सूर्य को समर्पित है। इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
स्कंदषष्ठी
भगवान कार्तिकेय की पूजा के लिए यह तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आज के उपाय और टोटके
- माता कात्यायनी को लाल फूल और गुड़ अर्पित करें।
- सूर्य देव को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए पीले वस्त्र और पीले भोजन का सेवन करें।
3 अप्रैल 2025 का दिन शुभ मुहूर्त और धार्मिक अनुष्ठानों से परिपूर्ण है। माता कात्यायनी की पूजा, सूर्य देव को अर्घ्य और विशेष व्रतों का पालन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। आज के दिन दिए गए शुभ मुहूर्त का लाभ उठाकर अपने कार्यों की सफलता सुनिश्चित करें।